International

युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग, मधुमेह और हृदय रोगियों को कोरोना वायरस से अधिक खतरा

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉ राजेश चावला ने गुरुवार को बताया कि 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, मधुमेह और हृदय रोगों के रोगियों को अन्य लोगों की तुलना में घातक कोरोना वायरस को ज्यादा खतरा है। एक हालिया अध्ययन का हवाला देते हुए, डॉ राजेश चावला ने कहा कि अध्ययन में शामिल 130 लोगों की औसत आयु 56 थी, जिसका अर्थ है कि वायरस युवाओं के मुकाबले बुज़ुर्ग लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। बताया गया कि इसमें जिनका शुगर ज्यादा रहता हो और हृदय रोगियों के लिए भी ज्यादा खतरा है।

डॉ चावला ने कहा कि घातक कोरोनावायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना है। किसी भी चीज को करने से पहले अपने हाथ धोएं, छींकने या खांसी होने पर अपनी नाक को कवर करें, भीड़ भरे स्थानों और शारीरिक संपर्क से बचें। एक मीडिया चैनल से बात करते हुए, डॉ चावला ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि वायरस का भारत में ज्यादा असर नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि इस वायरस को मानव से मानव में फैलने के लिए जाना जा रहा है तो भोजन को लेकर इतना ध्यान देने की जरूरत नहीं। यहां तक कि पका हुआ मांस भी खाने के लिए ठीक है।

भारत में अब तक कोरोना वायरस के केवल तीन पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक को छुट्टी दे दी गई है और बाकी दो की भी हालत ठीक बताई जा रही हैं। अब तक, भारत में 2,397 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 2,375 की घर में देख रेख चल रही है, जबकि 22 लोग अन्य सुविधाओं के साथ निगरानी में हैं।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *