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राहुल गांधी: पीएमओ से होते रहे फैसले तो संकट खड़ा हो जाएगा

राहुल गांधी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि ये समय निंदा करने का नहीं है। हमें लॉकडाउन खोलने की स्ट्रैटजी बनानी चाहिए। लॉकडाउन कोई ऑन-ऑफ स्विच नहीं बल्कि एक ट्रांजिशन (परिवर्तन का समय) है। इसके लिए केंद्र, राज्य और जनता का एक-दूसरे को सहयोग करना जरूरी है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को डी-सेंट्रलाइज करने की जरूरत है। अगर सारे फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय से ही होते रहे तो संकट खड़ा हो जाएगा।

राहुल ने कहा कि आप किसी भी बिजनेसमैन से पूछेंगे तो वो यही कहेगा कि इकोनॉमिक सप्लाई चेन और कोरोना के जोन बांटने के तरीके में तालमेल नहीं बैठ रहा। संक्रमण की स्थिति के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन राष्ट्रीय स्तर पर तय किए जा रहे हैं। लेकिन, यह काम राज्य स्तर पर जिला प्रशासन को साथ लेकर होना चाहिए। हमारे मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केंद्र के हिसाब से कई इलाके जो कि रेड जोन में बताए जा रहे हैं वे असल में ग्रीन जोन में हैं।

अर्थव्यवस्था को जल्द शुरू करने की जरूरत
राहुल ने कहा कि सरकार लॉकडाउन खोलना चाहती है तो लोगों के दिमाग से बीमारी का डर दूर कर उसे कॉन्फिडेंस में बदलना होगा। कांग्रेस की न्याय योजना के आइडिया पर सरकार को देश के 50% परिवारों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने चाहिए। हमें रोजगार देने वालों का भी ध्यान रखना पड़ेगा। उनके लिए ऐसा माहौल बनाना होगा जिससे नौकरियां बच सकें और लोगों को वेतन मिल सके। उन्हें आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था को जल्द से जल्द शुरू करने की जरूरत है। हम जितनी देर करेंगे उतना ही ज्यादा नुकसान होगा।

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