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यूपी में शराब की दुकानों के आवेदन के लिए आज आखिरी मौका

यूपी के आबकारी राजस्व के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार की कोशिश है कि वर्ष 2020-21 में शराब, बीयर और मॉडल शॉप की एक भी दुकान छूटी न रहे। इसके लिए सरकार ने तय किया है कि दुकान आवंटन के दो चरणों के बाद (दूसरे चरण की ई-लॉटरी में) छूटी 2,467 दुकानों को दो हिस्सों में बांट कर उनका आवंटन किया जाएगा। दूसरे चरण की ई-लॉटरी के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आठ मई है, लेकिन लॉकडाउन के चलते इसे फिर बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

आबकारी आयुक्त पी गुरु प्रसाद ने बताया कि पहले चरण में दुकानों का आवंटन रिन्युअव के जरिए किया गया। दूसरे चरण में ई-लॉटरी निकाली गई। इन दो चरणों के बाद भी प्रदेश में 2,467 शराब और बीयर की दुकानों के साथ मॉडल शॉप का आवंटन नहीं हुआ। पिछले साल भी तीन चरणों की ई-लॉटरी के बाद काफी दुकानें छूट गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए आबकारी नीति में तय किया गया था कि दो चरणों के बाद छूटी दुकानों को दो हिस्सों में बांट कर उनका आवंटन होगा। उदाहरण के रूप में हजरतगंज की शराब की दुकान नहीं उठती है, तो उसे हजरतगंज क और हजरतगंज ख के नाम से दो ठेकेदारों को आवंटित किया जाएगा। दो हिस्सों में बंटने से उस दुकान का लाइसेंस शुल्क भी दो हिस्सों में बंट जाएगा, जिससे ठेकेदार को सहूलियत होगी और राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा।

प्रदेश में शराब की बिक्री के साथ शासन ने दुकानदारों को तय एमआरपी पर ही शराब और बीयर बेचने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि अगर किसी दुकान पर तय रेट से ज्यादा पर शराब की बिक्री पाई गई, तो पहली बार में उससे 75 हजार रुपये का और दूसरी बार में डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। यदि तीसरी बार वहां ज्यादा रेट पर शराब की बिक्री मिली, तो उसका लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। प्रमुख सचिव संजय भुसरेड्डी के इस निर्देश पर आबकारी आयुक्त ने सभी विभागीय संयुक्त आबकारी आयुक्तों, उप आबकारी आयुक्तो और जिला आबकारी आयुक्तों को अभियान चला कर दुकानों की चेकिंग के आदेश दिए हैं।

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