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यूपी में शराब और बीयर की बिक्री में भारी गिरावट

यूपी में शराब की बिक्री में अप्रत्याशित रूप से बड़ी गिरावट आई है। इससे आबकारी विभाग सकते में है, वहीं दुकानदारों के भी होश उड़े हुए हैं कि यही स्थिति रही तो दुकान चलाने के लिए घर से पैसे लगाने पड़ेंगे। दर असल लॉकडाउन के 41 दिनों के बाद 4 मई को जब प्रदेश में शराब की दुकानें खुलीं तो दुकानों पर भीड़ देखकर लगा कि 41 दिनों की रिकवरी एक सप्ताह के अंदर हो जाएगी। लेकिन 5 मई से ही शराब की बिक्री में गिरावट दर्ज की जाने लगी। दुकानदारों ने अपनी बात विभाग को पहुंचाई। विभाग ने शराब कारोबारियों के साथ बैठक भी की लेकिन नतीजा फिलहाल सिफर ही है।

दरअसल शराब की ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये की बिक्री हर महीने होती है। अप्रैल महीने का लक्ष्य 2934 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा था। लेकिन पूरे अप्रैल माह में लॉकडाउन के चलते शराब की दुकानें बंद रहीं और सैनिटाइजर व शीरे से जीएसटी समेत जो कुल राजस्व विभाग के पास आया वह लगभग 57 करोड़ रुपये था।

शराब की दुकानों के खुलने के बाद लोगों के उत्साह को देखते हुए सरकार ने शराब के दाम भी बढ़ा दिए और उम्मीद की जा रही थी कि लगभग 2.5 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। लेकिन जो स्थिति है उससे 2.5 हजार करोड़ के अतिरिक्त राजस्व के बजाय जो लक्ष्य है, वही पूरा हो जाए तो बड़ी कामयाबी होगी। 11 मई को प्रदेश भर के शराब कारोबारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी इस पर चिंता जाहिर की गई।

सूत्रों का कहना है कि आबकारी विभाग ने भी यह जानने के लिए कि शराब की बिक्री में कितनी गिरावट आई है, प्रयागराज में कुछ दुकानों पर सैंपलिंग कराई। शहरी क्षेत्रों की आठ दुकानों पर की गई सैंपलिंग में लॉकडाउन से पहले जहां देशी शराब की बिक्री 315000 लीटर प्रतिदिन थी, वहीं 4 मई को जब दुकानें खुलीं तो यह बिक्री डबल हो गई और 620820 लीटर शराब बिकी। लेकिन उसके बाद से हर दिन इसमें गिरावट दर्ज की गई। 13 मई को मात्र 119110 लीटर ही शराब बिकी।

इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग आठ दुकानों पर लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन की सेल 443000 की होती थी। 4 मई को दुकानें खुलीं तो 820380 लीटर शराब की बिक्री 4 मई को हुई। उसके बाद से लगातार मांग में कमी आने लगी। 13 मई के आंकड़े के मुताबिक लगभग 187760 लीटर शराब की ही बिक्री हुई। यानी लॉकडाउन से पहले की तुलना में 60 से 66 प्रतिशत तक की गिरावट बिक्री में आ गई।

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी सिंह कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद पहले दिन शराब की बिक्री में उछाल आना स्वाभाविक था। लेकिन उसके बाद गिरावट का भी अनुमान पहले से लगाया जा रहा था। एसपी सिंह बिक्री की गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह पीक आवर में शराब की दुकानों को बंद रहना मान रहे हैं।

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