Politics

मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक, पूर्व मंत्री ने दी शिवराज को चेतावनी

मध्य प्रदेश भाजपा में अब बगावत के सुर उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पिछली सरकार में मंत्री रहे दीपक जोशी ने अपनी ही सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर पार्टी उन्हें अपनी हिस्सेदारी नहीं देती है, तो वे दूसरे विकल्पों को तलाशने के बारे में सोच सकते हैं। दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं।

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी के खतरे से ठीक पहले हुई सियासी उठापटक में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कांग्रेस से सत्ता छीन ली थी। दरअसल, कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी। यह सभी 22 विधायक भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि, इनकी शर्त थी कि उन्हें राज्य में होने वाले उपचुनाव में टिकट दिया जाएगा।

कमलनाथ खेमे को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले एक विधायक मनोज चौधरी भी हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में देवास जिले की हाटपिपल्या क्षेत्र से दीपक जोशी को पटखनी दी थी। मध्य प्रदेश भाजपा के एक पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी में अभी कांग्रेस के सभी बगावती 22 विधायकों को टिकट देने पर सहमति है। यह हमारी शर्त थी। एक राष्ट्रीय पार्टी अपने वादे पर पीछे नहीं हट सकती।

हालांकि, भाजपा की यह शर्त उसके अपने लोगों की तरफ से ही सिरदर्द बन गई है। भाजपा के कई काडरों में इस बात को लेकर असंतुष्टि है कि पार्टी के बड़े नेता अब दूसरी पार्टी के आयातित नेताओं के लिए चुनाव अभियान में शामिल होंगे, जो कि कुछ समय पहले तक भाजपा के दुश्मन नेताओं के तौर पर देखे जाते थे।

भाजपा की इसी नीति से नाराज एक नेता दीपक जोशी भी हैं, जिन्होंने कांग्रेस के पूर्व विधायकों के शामिल होने पर नाराजगी जाहिर कर दी है। जोशी ने कहा, “मैं यह नहीं कहता कि मुझे टिकट दो, लेकिन मुझे टीम में तो रखा जाना चाहिए। मुझे कुछ जिम्मेदारी दी जाए, जो पार्टी में मेरे योगदान के साथ न्याय करती हो।”

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *