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भूमि पूजन में मंदिर की नींव रखने के लिए चांदी के फावड़े और कन्नी का हुआ इस्तेमाल

रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का बरसों बाद शुरू होने जा रहा है। पांच सदी तक चले राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की धरती भले ही अयोध्या रही, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम की धरा ने धैर्य कभी नहीं छोड़ा। रामभक्तों के बलिदानी संघर्ष पर भरोसे की नींव टिकी हुई थी और सभी को भरोसा था कि एक न एक दिन रामलला का भव्य मंदिर बनेगा और रामलला उसमें विराजेंगे।

वह इंतजार अब खत्म होने को है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामनगरी में भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान मंदिर की मजबूत आधारशिला भी रखी जाएगी। मंदिर की नींव खोदने में चांदी का फावड़ा प्रयोग किया जाएगा जबकि नींव की ईंट पर सीमेंट लगाने के लिए चांदी की कन्नी का भी प्रयोग होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नींव खोदने के लिए चांदी से बने फावड़े का प्रयोग करेंगे। पीएम मोदी गर्भ गृह के स्थान पर फावड़े से नीव खोदेगें और चांदी की ही कन्नी से ईंट (शिला) पर सीमेंट लगाएंगे।

नींव में रखी जाएगी चांदी की शिला

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने रामलला मंदिर के लिए चांदी की श्रीराम शिला दान की है। वह इसको लेकर छोटी छावनी से भूमि पूजन स्थल पहुंचे। उन्होंने 40 किलो वजन की चांदी की श्रीराम शिला को मंदिर निर्माण के लिए समॢपत किया है।

अशोक सिंहल के भतीजे सलिल सिंहल बनेंगे यजमान

भूमि पूजन के दौरान आज शिलापट का भी अनावरण होगा। इसके साथ ही डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। भूमि पूजन के मंच पर पीएम मोदी के साथ ही महंत नृत्य गोपालदास, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत उपस्थित रहेंगे। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक स्वर्गीय अशोक सिंहल के भतीजे सलिल सिंहल यजमान बनेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम में 175 लोगों को न्योता भेजा गया है।

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