State

देश में सैनिटाइजर के उत्पादन में यूपी अव्वल

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में हर कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, लेकिन सैनिटाइजर का बाजार लगातार बढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन के बाद से करीब 500 छोटी-बड़ी मैन्यूफैर्क्चस यूनिट इस सेक्टर में उतर चुकी हैं। इसमें 152 ऐसी कंपनियां हैं, जो साबुन, बॉडी, फेश और हैंड वॉश के साथ-साथ सैनिटाइजर का भी उत्पादन कर रही हैं। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) के अनुसार 150 से अधिक डिस्टिलरी भी देश में सैनिटाइजर का उत्पादन कर रही हैं। देश में एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर की मांग में 64% का इजाफा हुआ है।

सबसे ज्यादा कंपनियां यूपी में बना रहीं सैनिटाइजर

सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 85 चीनी मिलें, 12 डिस्टिलरी, 37 कंपनियां और 9 अन्य संस्थाएं प्रतिदिन 2 लाख लीटर सैनिटाइजर का निर्माण कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सात मई तक प्रदेश में 45 लाख 15 हजार लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन हुआ, जिसमें से 19 लाख 31 हजार लीटर 23 राज्यों को सप्लाई किया गया है।

एक साल इस सेक्टर का आकार 30 करोड़ रुपए बढ़ा

निल्सन इंडिया के मुताबिक महामारी के बाद से भारत के सैनिटाइजर बाजार में चार गुना का इजाफा हुआ है। 2019 में मार्च महीने में इस सेक्टर का कुल कारोबार 10 करोड़ रुपए था। मार्च 2020 में 43 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। कोरोना वायरस का टीका न बनने की सूरत में अगले पांच साल में इस सेक्टर में 10-15 फीसदी की ग्रोथ की संभावना है।

यूपी में अप्रैल में रोजाना लाख लीटर प्रोडक्शन हुआ

उत्तर प्रदेश के गन्ना और चीनी आयुक्त संजय भूसरेड्डी के अनुसार मार्च में करीब 50 उत्पादन इकाइयां रोजाना 60 हजार लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन करती थीं, लेकिन मांग बढ़ने के बाद कुछ और चीनी मिलें, डिस्टिलरी व अन्य संस्थाओं को अनुमति दी गई। जिससे प्रोडक्शन 2 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया। लॉकडाउन के बाद से हरियाणा में सबसे ज्यादा सैनिटाइजर की खपत हुई। वहां पर 4.11 लाख लीटर सैनिटाइजर की सप्लाई की जा चुकी है।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *