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गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, अलर्ट रहने के निर्देश

गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अयोध्या जमीन विवाद मामले में संभावित फैसले से पहले सामान्‍य एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने के लिए कहा है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर मिल रही है। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ अयोध्‍या मामले के संभावित फैसले को लेकर काफी सर्तक हैं। यहां अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिन नजदीक आने के चलते पुलिस और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जिले को तीन सेक्टर में बांटा जाएगा। सामान्य, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्र तय होंगे। इनके लिए क्षेत्र चिह्न्ति किए जा रहे हैं। सभी सेक्टर में पुलिस के साथ ही मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे।

असमाजिक तत्वों को रोकने के लिए अयोध्या में बनाई जा रही अस्थाई जेलें

अयोध्‍या बेहद संवेदनशील मामला है। ऐसे में उत्‍तर प्रदेश सरकार काफी सर्तकता बरत रही है। राज्‍य के असमाजिक तत्वों को रोकने के लिए अस्थाई जेलें बनाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। प्रशासन और पुलिस ने इसके लिए अब तक 12 स्थान चिह्नित किए हैं। प्रशासन की मानें तो इनकी संख्‍या बढ़ाई भी जा सकती है। अस्थाई जेलों को सुप्रीम फैसले के सिक्योरिटी प्लान में शामिल किया गया है।

झारखंड में भी हाई अलर्ट

अयोध्या मामले में आने वाले सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर पूरे देश के साथ-साथ झारखंड में भी सर्तकता बरती जर रही है। यहां कई इलाकों के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम जिले में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा के हर बिंदु पर विचार कर एसपी अनूप बिरथरे ने मातहतों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की तैनाती के इंतेजाम किए गए हैं। बताया गया है कि किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं है। शहर में क्यूआरटी का मार्च होगा। लोगों को अलर्ट रहने और किसी तरह के अफवाह से बचने को कहा गया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के कारण पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लगी है। दगियो के खिलाफ 107 की कार्रवाई की जा रही है। जो भी पुराने वारंटी हैं उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। संगीन अपराधियों को जिला प्रशासन की ओर से जिला बदर किया गया है।

सीजेआई 17 नवंबर को हो रहे हैं सेवानिवृत

अयोध्या जमीन विवाद, सबरीमाला मंदिर मुद्दा, राफेल लड़ाकू विमान सौदा, देश के प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना और भारत के प्रधान न्यायाधीश के दफ्तर में सूचना का अधिकार लागू होने का मुद्दा पांच ऐसे ज्वलंत मामले हैं जिन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। ये पांचों ऐसे मामले हैं जिनका बड़ा प्रभाव दिख सकता है। इन पांचों मामलों की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की है। भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं। ऐसे मे छुट्टियां निकाल दी जाए तो जस्टिस गोगोई के पास इन मामलों में फैसला सुनाने के लिए मात्र चार कार्यदिवस बचे हैं।

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