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उत्तराखंड पर बादल मेहरबान, चारधाम की ऊंची पहाड़ियों पर बिछी बर्फ की सफेद चादर

सूबे में विदा हो रहा मानसून जमकर बरस रहा है। केदारनाथ समेत चारधाम में बारिश हो रही है, वहीं चारों धाम की ऊंची पहाडियों हिमपात हुआ है। राजधानी दून में लगातार हुई झमाझम बारिश के बाद दून और मसूरी के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। मसूरी में 93.2, जबकि देहरादून में 78.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। पिछले चौबीस घंटे में सर्वाधिक बारिश देवप्रयाग में 130.3 मिलीमीटर हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले चौबीस घंटे में दून समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ एक-दो दौर बारिश के हो सकते हैं। अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। उधर, चमोली में बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बीते शाम से बंद है, जबकि रुद्रप्रयाग में केदारनाथ हाईवे गुप्तकाशी के पास अवरुद्ध है।

शहर में बीते शनिवार को रात करीब साढ़े सात बजे से लगातार 12 घंटे तक रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान 78.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। शहर में रविवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाये रहे और कहीं-कहीं बंूदाबांदी हुई। जिससे शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री नीचे 27.7 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 19.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उधर, मसूरी में दून से अधिक बारिश हुई। यहां रातभर मूसलाधार बारिश रही। 93.2 मिलीमीटर बारिश से हिल स्टेशल का तापमान रविवार को सामान्य से तीन डिग्री कम 16.8 जबकि न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को बारिश तो थमी रही, लेकिन मसूरी में दोपहर बाद तक कोहरा छाया रहा।

बिक्रम सिंह (निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र) का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल इस सप्ताह कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। फिर भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दून में एक-दो दौर तेज बारिश के हो सकते हैं। राज्य के अन्य भागों में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे।

बारिश से अभी भी बंद चल रहीं 52 सड़कें

राज्य में बारिश से अभी भी 52 सड़कें बंद चल रही हैं। लोक निर्माण विभाग का इन सड़कों को खोलने में पसीना छूट रहा है। वहीं सड़कें बंद होने से ग्रामीण कई मील पैदल चलने को मजबूर हैं। अधिकांश सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ती हैं। इनमें पीएमजीएसवाई की सबसे ज्यादा 29 सड़कें शामिल हैं।

राज्य में मानसून की विदाई के बावजूद ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में बारिश से भूस्खलन, भू-कटाव, धंसाव और मलबा आने से सड़कें बंद होने का सिलसिला जारी है। सड़कें बंद होने का सबसे ज्यादा असर पंचायत चुनाव पर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी प्रचार में जुट गए हैं। लेकिन सड़कें जगह-जगह बंद होने से प्रचार करना कठिन हो रहा है। चुनाव प्रचार से लेकर जरूरी काम के लिए लोग कई मील पगडंडी नाप गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इसी तरह बीमार, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं जरूरी काम के लिए आने-जाने वालों को भी मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। लोनिवि से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को एक नेशनल हाईवे, तीन स्टेट हाईवे, एक जिला मार्ग व 19 ग्रामीण सड़कें सिविल और 29 ग्रामीण सड़कें पीएमजीएसवाई की बंद चल रही हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए 51 जेसीबी लगाई गई हैं। बारिश के चलते कुछ सड़कों पर काम प्रभावित हो रहा है। मौसम खुलते ही सड़कों को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।

आकाशीय बिजली गिरने से प्रेमनगर में केबल बक्सा फटा

शहर में शनिवार रात तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से प्रेमनगर फीडर का केबल का बक्सा (केबल ज्वाइंटिंग किट बॉक्स) फट गया। इससे एक दर्जन इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। तकरीबन सात-आठ हजार की आबादी को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। रविवार को बक्से की मरम्मत करने के बाद करीब तीन बजे आपूर्ति सुचारू हो पाई।

शनिवार की रात को करीब 11 बजे तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से विद्युत वितरण खंड मोहनपुर के अंतर्गत प्रेमनगर फीडर का केबल बक्सा फट गया। जिससे समूचा प्रेमनगर, विंग एक, दो, तीन, चार, पांच, छह, सात, स्पेशल विंग, ठाकुरपुर रोड, आंशिक केहरी गांव में आपूर्ति गुल हो गई। इससे सात-आठ हजार उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह भी बिजली आपूर्ति सुचारू न होने पर क्षेत्रवासी भड़क गए।

क्षेत्रवासी वीरू बिष्ट ने जेई रेनू सिंह से किसी अन्य फीडर से आपूर्ति करने की मांग की ताकि पानी आदि के लिए मोटर चलाई जा सके। इस पर दूसरे फीडर से सुबह नौ से 11 बजे तक आपूर्ति सुचारू की गई। दोपहर में बक्से की मरम्मत के  बाद दोपहर में तीन बजे के बाद आपूर्ति सुचारू हुई। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि रात को बिजली गिरने से केबिल बक्सा फट गया था, इसकी मरम्मत के बाद दोपहर को आपूर्ति बहाल की गई।

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